जब भी वह देखती है मेरी तरफ दिल का हर तार झंझनाता है। बेख्याली में जिस तरह कोई। जिस्म से खार1 छू सा ज

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जब भी वह देखती है मेरी तरफ
दिल का हर तार झंझनाता है।
बेख्याली में जिस तरह कोई।
जिस्म से खार1 छू सा जाता है।

सागरे-मय2 को तोड़ आया हूं
मुझ पे रिन्दों3 को मुस्कराने दे
मय4 की मस्ती भी कोई मस्ती है
अपनी आंखों में डूब जाने दे।

दर्द पहलू में दाग सीने में
अशक5 आंखों में दिल में बेचैनी
लब6 पर आहे जुबान पर नाले
इशक ने खूब मेहरबानी की।

नोटः1.कांटा 2. मदिरा का प्याला
3. मदिरा पीने वाला 4. मदिरा 5.आंसू 6.होंठ

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Title: People in Kovind's village celebrate ahead of him being elected as President of India
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